शरद ऋतु ( प्रसंग प्रकार ) : रचना सूची
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एरी  सखी! शरद चांदनी रात, घटा छटकरही लटकसों।।
रंग सावन मास हिंडोरना।।
एरी सखी! स्वेत हिंडोरो सोभा देत,नटवर झूलत उमंगसों।। रंग ।।
एरी सखी! काछनी परम रसाल, पहेरेसब गुण आगरी।।रंग।।
एरी सखी! देखन सब मिलि जाय, चलो जुथ जुरी आगरी ।रंग।।
एरी सखी! देखो सुंदर श्याम, शीश मुकुटहीरा सोहही।।रंग।।
एरी सखी! कुंडल मकराकार, कोटीकीरण रवी जोतरी ।।रंग।।
एरी सखी! स्वेत हींडोरो देख, देखत खंभदोउ राजहीं।।रंग।। 
एरी सखी! स्वेत मरूवेही मरूवे मयार,डांडी कलसा राजहीं।।रंग।।
एरी सखी! आई सबे व्रजनारि, नंदनंदनके दरसकों। ।रंग।।
एरी सखी! सांवन घटा सोहाय, ता मध्यबिजुरी चमक रही।।रंग।।
एरी सखी! सखियन श्री झूलाय, गिरिधरपिय मुख निरखही।रंग।।

भजन गिरिधर लाल 27/10/2023