व्याहुला(श्री सीताराम जी ) ( प्रसंग प्रकार ) : रचना सूची
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धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की
श्री रघुबर अवध बिहारी, गारी मिथिला की

मग मह मुनि तिय मध्य शिला के, प्रकट करी पग धुलि छुला के
हो राजकुंवर या मदारी, गारी मिथिला की
धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की

धनुष यज्ञ सुनि ब्‍याह उमंग में, बिनु चिट्ठी कौशिक मुनि संग में 
बनि आये कमंडल धारी, गारी मिथिला की 
धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की

सुन्‍दरता अभिमान में सीना,तानि चले पर आयो पसीना 
निरखी जब जनक दुलारी, गारी मिथिला की
धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की

दा‍नी शिरोमणि महिमा मण्डित, फुलवारी में पुष्‍प चयन हित
बने मलियन आगे भिखारी ,गारी मिथिला की
धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की

बलशाली कहं जग यश गावे, तोड़त सुमन पसीना आवे 
अस विक्रम की बलिहारी, गारी मिथिला की
धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की

भंजेउ चाप गुमान न लाओ, सिय की कृपा है भाग्‍य मनाओ 
मिलि जनकपुरी ससुरारी, गारी मिथिला की 
धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की

क्षमेहु चूक राजेश जू यातें, गारी देत सिया जी के नाते 
तुम्‍हरी हम सरहज सारी, गारी मि‍थिला की 
धरि ध्‍यान सुनो धनुधारी, गारी मिथिला की

भजन अज्ञात 21/11/2023

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