झूलन उत्सव ( प्रसंग प्रकार ) : रचना सूची
Avatar

Avatar

Avatar

Avatar

Avatar

झूलन उत्सव संध्या दर्शन ||
🥀🌹🥀🌹🥀🌹🥀🌹🥀
झूलत रंग हिंडोरें श्रीराधा मोहन।
भँवर भ्रमत चहूँ औरें श्री राधा मोहन॥ 
गावत अलि सर जोरें श्री राधा मोहन। 
रीझ-राझि तृन तोरे श्री राधा मोहन ॥ 
मन भावन हरषावन आवन सावन तीज सुहाई। 
चावन गावन रीझि रिझावन दंपति रति दरसाई ॥ 
चढ़े हिंडोरें नैनन जोरें चित चोरें सुखदाई। 
जुगल चंद रस कंद किरन लखि जै श्री रूपलाल बलि जाई ॥  
रमकि झमकि झुकि चमकि दमकि झूलत फूलत अभिरामा। 
नागर रूप उजागर आगर छबि सागर सुख धामा। 
अली भली रस रली झुलावैं गावैं गुन गन ग्रामा। 
जै श्री रूपलाल हित ललिता रस सलिता सँग पुजये सब कामा॥ 
सूहे बागे रति रस पागे अनुरागे दोऊ झूलैं । 
मृदु बोलैं चित ग्रंथिन खोलें करत कलोलें अँग-अँग फूलें ॥ 
बनक बनावें सुरन मिलावैं गावैं रस अनुकूलें । 
जै श्री रूपलाल हित दंपति संपति लखि सखि गति-मति भूलें ॥ 
कबहुँक झुकि झुकि झमकि झुलावें गावें रीझि रिझावैं। 
मन भावैं नैनन दरसावें प्रेम सरसावें ॥ 
नेह बढ़ावें विवि सचु पावें रस निधि रस वरसावें। 
जै श्री रूपलाल हित निकट बुलावें अलि बलि नैन सिरावें ॥

पद रूपलाल हित 13/03/2023

Avatar

Avatar

Avatar

Avatar

Avatar